STORYMIRROR

Anjali Rajak

Abstract

4  

Anjali Rajak

Abstract

कविता क्या है

कविता क्या है

1 min
290

कविता ज़बान हमारी

जो मूक, पर बोलती बहुत है

कोरे कागज पर अंकित

शब्दों का ज्वालामुखी

जिसमें क्रांति बहुत है

कहीं सौंदर्य तो कहीं यशगान है

मैं कविताओं से भरी हूं

ये विश्वास है मेरा,

नहीं कोई अभिमान है ।


आंसू नहीं बहते हमारे

बस आह निकलती है तो इन कविताओं में

मेरा अस्तित्व मुझमें कहां

मैं तो बसी हूं इन कविताओं में

सारा दर्द बयान हो जाता है

क्या क्षमता है इन कविताओं में

आंसू नहीं बहते हमारे

बस बहता है मन में शब्दों का सागर एक

जो पंक्तियों के लहरों से

मिटा देते है पीड़ाएं अनेक ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract