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Kanak Agarwal

Romance Tragedy

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Kanak Agarwal

Romance Tragedy

मुझमें है तू

मुझमें है तू

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तेरे जाने से लगा था

रीत गई हूं मैं...

कुछ भी तो नहीं है बाकी....!!


पर ये कागज़ पर उतरी

कविताएं हैं ना...

कहां झूठ बोलती हैं...


मुझमें कहीं बहुत गहरे

बस गया है तू.....!!!!



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