Click here for New Arrivals! Titles you should read this August.
Click here for New Arrivals! Titles you should read this August.

Amit Pandey

Tragedy


4.6  

Amit Pandey

Tragedy


मुझको भी है जीने का अधिकार

मुझको भी है जीने का अधिकार

1 min 687 1 min 687

माँ सुन ले मेरी अर्ज पुकार,

जन्म से पहले मुझको मत मार,

मैं भी तो तेरी ही बेटी हूं,

मुझको भी है जीने का अधिकार।


बटाऊँगी तेरा हाथ हमेशा,

ना करूँगी कभी तेरा तिरस्कार,

करूँगी तेरे आदेशों का पालन,

जन्म तो लेने दे एक बार,

मैं भी तो तेरी ही बेटी हूं,

मुझको भी है जीने का अधिकार।


एक कोने में पड़ी रहूँगी, 

भले मुझे ना दे तू प्यार,

हाथ जोड़ विनती है तुझसे,

जन्म से पहले मुझको मत मार,

मैं भी तो तेरी ही बेटी हूं, 

मुझको भी है जीने का अधिकार।


पढ़ लिख कर मैं बनूँगी अफसर, 

दूँगी तुझे मैं खुशी अपार,

बेटी ही थी झाँसी की रानी,

लड़ा था जिसने स्वतंत्रता संग्राम,

करूँगी मैं भी ऐसा काम,


होगा तुझको मुझ पर अभिमान,

गर्व करेगी तू भी एक दिन,

जन्म तो लेने दे एक बार,

मैं भी तो तेरी ही बेटी हूं, 

मुझको भी है जीने का अधिकार।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Amit Pandey

Similar hindi poem from Tragedy