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Habib Manzer

Romance

3  

Habib Manzer

Romance

मुझे दिलमे बसाओ तुम

मुझे दिलमे बसाओ तुम

2 mins
27K


मै क्या बोलु बताओ तुम

समझ जाओ बताओ तुम


कभी समझा नही तुमने

कभी चाहत दिखाओ तुम


मेरी चाहत सनम तुम हो

मोहब्बत आजमाओ तुम


हकीकत जान लो मेरा

कहानी फिर सुनाओ तुम


तुझे दुनिया की चाहत है

कभी चाहत मे आओ तुम


निगाहें जब मिली तुमसे

मुझे दिलमे बसाओ तुम


तड़पकर जान दे दुंगा

कभी दिल भी लहाओ तुम


इरादा है मेरे दिलका

कभी बांहो मे आओ तुम


है प्यासी रूह अब मेरी

कभी उसको बुझाओ तुम


गज़ल लिखता रहूँगा मै

यकीन मुझको दिलाओ तुम


समंदर पार कर लुंगा

मुझे मंज़िल बनाओ तुम


गिला तुमसे करूँगा मै

अगर मुझको भूलाओ तुम


खूशी की अब ज़रूरत है

मेरे गम को मिटाओ तुम


मेरी दुनिया अधुरी है

मुकम्मल अब कराओ तुम


मेरे हमदम बनो अब तुम

मुझे आशिक बनाओ तुम


मै तुझको टुटकर चाहुँ

मुझे दिलसे भी चाहो तुम


मेरे दिलमे सनम रहना

मुझे दिलमे बिठाओ तुम


कभी समझा नही तुमने

कभी चाहत दिखाओ तुम


मेरी चाहत सनम तुम हो

मोहब्बत आजमाओ तुम


हकीकत जान लो मेरा

कहानी फिर सुनाओ तुम


तुझे दुनिया की चाहत है

कभी चाहत मे आओ तुम


निगाहें जब मिली तुमसे

मुझे दिलमे बसाओ तुम


तड़पकर जान दे दुंगा

कभी दिल भी लहाओ तुम


इरादा है मेरे दिलका

कभी बांहो मे आओ तुम


है प्यासी रूह अब मेरी

कभी उसको बुझाओ तुम


गज़ल लिखता रहूँगा मै

यकीन मुझको दिलाओ तुम


समंदर पार कर लुंगा

मुझे मंज़िल बनाओ तुम


गिला तुमसे करूँगा मै

अगर मुझको भूलाओ तुम


खूशी की अब ज़रूरत है

मेरे गम को मिटाओ तुम


वही मंज़र हसीन चाहत

मुझे फिर से दिखाओ तुम


मेरी दुनिया अधुरी है

मुकम्मल अब कराओ तुम


मेरे हमदम बनो अब तुम

मुझे आशिक बनाओ तुम


मै तुझको टुटकर चाहुँ

मुझे दिलसे भी चाहो तुम


मेरे दिलमे सनम रहना

मुझे दिलमे बिठाओ तुम


वही मंज़र हसीन चाहत

मुझे फिर से दिखाओ तुम


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