STORYMIRROR

Uma Vaishnav

Abstract

4  

Uma Vaishnav

Abstract

मटमैले रिश्तें

मटमैले रिश्तें

1 min
224

कुछ पुराने से, तो कुछ धुंधले,

दर्द बड़ा देते ये हैं मटमैले रिश्ते। 


यादों की गहराईयों से पले,

कुछ अध मरे से, कुछ मर गये,

दर्द बड़ा देते ये हैं मटमैले रिश्ते


वक़्त के हाथों से निकले, 

कुछ उजड़े से, कुछ मुरझाये,

दर्द बड़ा देते हैं ये मटमैले रिश्ते 


अन्त मन की ज्वाला में जले,

कुछ छालें तो कुछ नासूर बने,

दर्द बड़ा देते हैं ये मटमैले रिश्ते


सन्नाटे में पले शोर बन फैले,

कुछ काँटों से कुछ शूल बने

दर्द बड़ा देते हैं ये मटमैले रिश्ते


जीवन भर बोझ बन रहे,

कुछ कहे, कुछ अनकहे रह गये,

दर्द बड़ा देते हैं ये मटमैले रिश्ते।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract