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Uma Vaishnav

Abstract

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Uma Vaishnav

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मटमैले रिश्तें

मटमैले रिश्तें

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कुछ पुराने से, तो कुछ धुंधले,

दर्द बड़ा देते ये हैं मटमैले रिश्ते। 


यादों की गहराईयों से पले,

कुछ अध मरे से, कुछ मर गये,

दर्द बड़ा देते ये हैं मटमैले रिश्ते


वक़्त के हाथों से निकले, 

कुछ उजड़े से, कुछ मुरझाये,

दर्द बड़ा देते हैं ये मटमैले रिश्ते 


अन्त मन की ज्वाला में जले,

कुछ छालें तो कुछ नासूर बने,

दर्द बड़ा देते हैं ये मटमैले रिश्ते


सन्नाटे में पले शोर बन फैले,

कुछ काँटों से कुछ शूल बने

दर्द बड़ा देते हैं ये मटमैले रिश्ते


जीवन भर बोझ बन रहे,

कुछ कहे, कुछ अनकहे रह गये,

दर्द बड़ा देते हैं ये मटमैले रिश्ते।


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