Uma Vaishnav
Abstract
कोयल काली गा रही, बीत गई है रात।
सूर्य की कारणें लाइ हैं, देख नूतन प्रभात।।
मंदिर के पट खुल गये, हो गई है प्रभात।
शंख की गूंज बज उठी, पक्षी कर रहे बात।।
सुप्रभात जी
सुप्रभात (भाग...
ग़ज़ल
सुप्रभात जी भ...
#गाने ऊपर गान...
काला चश्मा
विरह
जो जाति ,धर्म का भेद न जाने जो मानव को बस मानव ही माने जी ,आप समझते होंगे कि वह कोई। जो जाति ,धर्म का भेद न जाने जो मानव को बस मानव ही माने जी ,आप समझते होंगे ...
सद्बुद्धि पा बदल सको तुम, पर हम यही प्रार्थना करते। सद्बुद्धि पा बदल सको तुम, पर हम यही प्रार्थना करते।
चेहरे की सुंदरता छोड़ो मेरी वाली , तो नकाब में भी खूबसूरत लगती हैं। चेहरे की सुंदरता छोड़ो मेरी वाली , तो नकाब में भी खूबसूरत लगती हैं।
एक से ज़्यादा भाषा भी जानना कमाल है। एक से ज़्यादा भाषा भी जानना कमाल है।
भाव रूपी धृत तेल से दीया प्यार का जले। भाव रूपी धृत तेल से दीया प्यार का जले।
ये जानते हुए की भी कि अगले ही पल ये सारे श्रृंगार होंगे एक सिर्फ मेरे हवाले। ये जानते हुए की भी कि अगले ही पल ये सारे श्रृंगार होंगे एक सिर्फ मेर...
गुनगुना उठती है वही हमारा गाया हुआ गीत बोल है। गुनगुना उठती है वही हमारा गाया हुआ गीत बोल है।
पटाखों की चमक हो या किसी की आंखों में खुशी की क्या फर्क पड़ता है। पटाखों की चमक हो या किसी की आंखों में खुशी की क्या फर्क पड़ता है।
एक साल में एक बार ही तो आया हूँ। एक साल में एक बार ही तो आया हूँ।
सुना है यहां कोई भी मोहब्बत नहीं करता। सुना है यहां कोई भी मोहब्बत नहीं करता।
कौन है वो चित्रकार जो चित्रकारी इनमें करता है। कौन है वो चित्रकार जो चित्रकारी इनमें करता है।
या फिर टूटे घर को बचाने की बात करें। या फिर टूटे घर को बचाने की बात करें।
इसी शोषण के बल पर, मैं अपना अस्तित्व संभाल रहा हूँ। इसी शोषण के बल पर, मैं अपना अस्तित्व संभाल रहा हूँ।
लहरों की अहमियत किसी को समझ नहीं आती है। लहरों की अहमियत किसी को समझ नहीं आती है।
वह मुसाफ़िर हर वक्त एक रास्ता बदल गया ! वह मुसाफ़िर हर वक्त एक रास्ता बदल गया !
बिन तुम्हारे बेकाबू भड़कती अनल हूं मैं। बिन तुम्हारे बेकाबू भड़कती अनल हूं मैं।
भले अंधेरी रात अभी, बहुत दूर अब भोर नहीं। भले अंधेरी रात अभी, बहुत दूर अब भोर नहीं।
कविता, मेरे दिल की आवाज मेरे अकेलेपन की साथी। कविता, मेरे दिल की आवाज मेरे अकेलेपन की साथी।
मैं यदि सोया ही रह गया तो मेरे बच्चे भूख से मर जायेंगे। मैं यदि सोया ही रह गया तो मेरे बच्चे भूख से मर जायेंगे।
सुना है दबे पांव ही आता है प्रेम। सुना है दबे पांव ही आता है प्रेम।