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Payal Khanna

Abstract

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Payal Khanna

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क्यों लोग बदल जाते हैं

क्यों लोग बदल जाते हैं

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अक्सर हमारी जिंदगी में कुछ पहलू आते हैं

 कुछ अपनों के साथ तो कुछ गैरों के साथ आते हैं

 इन लम्हों से हम हर बार आखिर में यही सोचते हैं

कि क्यों लोग बदल जाते हैं।।


जो पहले करीब थे अब वह दूरियां निभाते हैं

जो पहले हमारे साथ मुस्कुराते थे अब हम पर हंसते जाते हैं

जो अक्सर हमारा साथ देते थे वह अब साथ निभाने में कतराते हैं

क्यों लोग बदल जाते हैं ।।


जो पहले हम से बात करते नहीं थकते थे

वह अब क्यों कुछ ना बोल पाते हैं

जो पहले हमसे हर दुख बांटा करते थे

वह अब क्यों ना हमें कुछ बताते हैं


जो पहले किए थे वादे उन्होंने उन पर

क्यों ना अमल वह कर पाते हैं

 क्यों लोग बदल जाते हैं ।।

जो पहले हमारी हर चीज से इतना जुड़ते थे

वह अब क्यों हम से ही ना जुड़ पाते हैं


जो पहले हमारे बिना कुछ ना कर पाते थे

वह अब क्यों हमारे साथ कुछ ना करना चाहते हैं

जो पहले हमें अपना साथी मानते थे

वह आज क्यों उससे कतराते हैं

क्यों लोग बदल जाते हैं ।।


जो पहले हर वक्त हमारे साथ होते थे

वह क्यों अब एक पल हमारे लिए ना निकाल पाते हैं

जो पहले हमें अपना सब कुछ मानते थे

वह अब क्यों हमें कुछ ना मान पाते हैं


उन्हें कौन समझाए की चीजें हमें कितना सताती है

क्यों लोग बदल जाते हैं

समय के साथ हर चीज में बदलाव आता है

लोगों का रुप ही बदल जाता है


हमारा दिल हमसे हर बार यह सवाल करता है

कि जो लोग बदल जाते हैं।।


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