STORYMIRROR

Payal Khanna

Comedy Others

3  

Payal Khanna

Comedy Others

फरमाइशें

फरमाइशें

1 min
200

कभी हम जाना चाहे घूमना तो कभी कुछ हम चाहते हैं खाना

और अगर कभी हम रूठ जाएं तो तुम्हारा फर्ज है हमें मनाना

कभी हमें चाहिए कपड़े तो कभी चाहिए होता एक हार है

ना जाने लोग क्यों कहते हैं की हमें पढ़ती बहुत मार है

कभी हमें जाना है शिमला तो कभी हमें चाट पकौड़ी का स्वाद लेना है

कंजूसी हम करते है पर यह चीजों के लिए पैसा तो देना है

कभी फिजूल खर्ची तो अभी हिसाब से हम चलते हैं

क्या करें पर फरमाइशों के आगे हम कुछ नहीं कर पाते हैं

फरमाइशों के बिना जीवन में ना होता कोई मजा है

फरमाइशों पर काबू करना सच में एक सजा है।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy