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Payal Khanna

Abstract

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Payal Khanna

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तुम्हारा भी तो

तुम्हारा भी तो

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जब जब किसी ने कहा कि तुम तो ऐसे ना थे

बोलते है हम कि पहले वक्त के भी कहा ऐसे दास्तान थे

जैसे आप वह और ना जाने कौन कौन बदल गया

वैसे ही वक्त के साथ हमारा भी बदलाव हो गया

कुछ का हुआ बुरे तरीके से तो कुछ का अच्छी तरह से बदलाव हुआ है

औरों का तो नहीं पता पर हमारे अंदर अलग-अलग भागों का वास हुआ है

आसान तो कुछ नहीं था पर मुश्किलों को पार तो करना पड़ता है

चाहे मुस्कुरा कर करें या रोक कर करें उन से लड़ना तो सभी को पड़ता है

गम नहीं है हमें क्योंकि हमारे साथ लोगों का सहारा है

और चिंता क्यों करते हो तुम, तुम्हारा भी तो कोई प्यारा है ।।

चिंता क्यों करते हो तुम, तुम्हारा भी तो कोई प्यारा है ।।


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