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Manish Kumar Srivastava

Tragedy

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Manish Kumar Srivastava

Tragedy

मोहब्बत हमारी जुदा हो गयी

मोहब्बत हमारी जुदा हो गयी

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कहानी अधूरी रह गयी

मोहब्बत हमारी जुदा हो गयी


वो कहीं ओझल हो गयी

आँखें भारी हो गयी


खुशियों की दुनिया सिमट गयी

आंसुओं की नदियां बह गयी


चहक के गले में लिपट गयी

वो प्यार की रितु निकल गयी


जिंदगी की हंसी खो गयी

न जाने कहाँ वो खो गयी


आँख मिचौली कर चली गयी

दुनिया हमारी बदल गयी


नींदों पे ताला लगा गयी

दुपट्टे में आत्मा बाँध ले गयी


दिल को चुरा कर चली वो गयी

ज़माने की हमको नज़र लग गयी


हसरत अधूरी रह गयी

मोहब्बत हमारी जुदा हो गयी


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