Manish Kumar Srivastava
Abstract
प्रकृति बांटे
अमूल्य उपहार-
जन जीवन
मनुष्य चाहे
वस्त्र और अनाज-
प्रकृति प्यार
सुंदर दृश्य
स्वच्छ जलधारा-
नदी किनारा
श्वेत बर्फ से
ढंके हुए पहाड़-
पर्वतारोही
वर्षा ऋतु में...
बच्चों का एम ...
प्रकृति पर हा...
मोहब्बत हमारी...
पढ़ते पूरी रात...
कुछ हाइकु
नव बसन्त
धर्म आदमी ने बनाया, धर्म की आग आदमी ने लगाई। धर्म आदमी ने बनाया, धर्म की आग आदमी ने लगाई।
वह अस्तित्व का सम्मान हैं हां.. परी हैं सौगात हैं, मां ईश्वर का वरदान हैं। वह अस्तित्व का सम्मान हैं हां.. परी हैं सौगात हैं, मां ईश्वर का वरदान हैं...
रावण को मार ना सकेंगे सब में उसकी व्यथा रहेगी। रावण को मार ना सकेंगे सब में उसकी व्यथा रहेगी।
जो वीरों ने भारत माँ की अम्न ख़ुशी का सपना देखा। जो वीरों ने भारत माँ की अम्न ख़ुशी का सपना देखा।
एक ऐसा रिश्ता है दोस्ती, जो बेमिसाल है, अनमोल है, बस हो जाती है।। एक ऐसा रिश्ता है दोस्ती, जो बेमिसाल है, अनमोल है, बस हो जाती है।।
राजा बाली जैसे राजा को दानी बताया गया है, पौराणिक कथाओं में राम की तरह सयंम है। राजा बाली जैसे राजा को दानी बताया गया है, पौराणिक कथाओं में राम की तरह सयंम ह...
चरणो धरे विन माथा देव रुप साकार चरणो धरे विन माथा देव रुप साकार
कहीं जुड़ता है तादात्म्य, कुछ इस तरह की अपनापन लगता है। कहीं जुड़ता है तादात्म्य, कुछ इस तरह की अपनापन लगता है।
आप ऐसे ही प्रगति के पथ पर चलते रहें, दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करते रहें। आप ऐसे ही प्रगति के पथ पर चलते रहें, दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करते रहें।
चाचा नहेरू के राज़ दुलारे हम, पर ईश्वर के लिए तो हम एक बच्चे ही है। चाचा नहेरू के राज़ दुलारे हम, पर ईश्वर के लिए तो हम एक बच्चे ही है।
कैकयी जन्म नहीं लेगी और न फिर रामायण बनेगी। कैकयी जन्म नहीं लेगी और न फिर रामायण बनेगी।
हर मनुष्य बन स्वार्थी तब ना करे किसी का प्रेम स्वीकार।। हर मनुष्य बन स्वार्थी तब ना करे किसी का प्रेम स्वीकार।।
हमारे रिश्ते को छुपाना मेरी मृत्यु तलक किसी को न बताना। हमारे रिश्ते को छुपाना मेरी मृत्यु तलक किसी को न बताना।
अब ना कोई भरत मिलेगा ना कोई नया सावरकर आयेगा। अब ना कोई भरत मिलेगा ना कोई नया सावरकर आयेगा।
आज भी तुम्हारे हाथ दक्ष हैं एक स्त्री खोजने में .... आज भी तुम्हारे हाथ दक्ष हैं एक स्त्री खोजने में ....
मरमरीं चेहरे को बस रहा ताकता, सबने मेरी "कमल" सर-ख़ुशी देख ली। मरमरीं चेहरे को बस रहा ताकता, सबने मेरी "कमल" सर-ख़ुशी देख ली।
बीती बातों पर, गुज़रे लम्हों पर गुज़र गया एक अंतराल बिछुड़ गए दो जिगरी दोस्त। बीती बातों पर, गुज़रे लम्हों पर गुज़र गया एक अंतराल बिछुड़ गए दो जिगरी दोस्...
कुटीर और लघु उद्योगों में करें सरकारें बड़ा निवेश। कुटीर और लघु उद्योगों में करें सरकारें बड़ा निवेश।
पौराणिक कथाओं में वर्णित है सारे संसार की बुनियाद। पौराणिक कथाओं में वर्णित है सारे संसार की बुनियाद।
बस मिलनी चाहिए राह एक नयी हर बात होगी फिर मन चाही !!४!! बस मिलनी चाहिए राह एक नयी हर बात होगी फिर मन चाही !!४!!