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मानव सिंह राणा 'सुओम'

Romance

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मानव सिंह राणा 'सुओम'

Romance

मनाया होता

मनाया होता

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थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।

थोड़ा सा झुककर

थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।

बात बढ़ती ना, 

बात बढ़ती ना बहाना बनाया होता। -2

थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।।


कल की ही बात हैं झुकी झुकी पलकें तेरी -2

जुल्फों के साये में गुनगुनाया होता -2

जुल्फों के साये में

जुल्फों के साये में गुनगुनाया होता।

थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।।-2


वो मुस्कराना तेरा

वो मुस्कराना तेरा कातिल सी अदाएं।-2

पास आकर

पास आकर जरा मुस्कराया होता।-2

थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।।-2


तेरा पास आना

तेरा पास आना दीवाना बन जाना मेरा।-2

काश तुमने भी

काश तुमने भी गले लगाया होता। -2

थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।।-2


सुना आजकल,

सुना आजकल 

कई दीवाने हैं तेरे।-2

प्यार के मारों,

प्यार के मारों 

को भी बताया होता।-2

थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।।-2


हमारी आरजू थी,

हमारी आरजू थी जुस्तजू तुम्हारी करें।-2

काश तुमने भी

काश तुमने भी दिल लगाया होता।।-2

थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।।-2


आज जीवन में

आज जीवन में अफ़सोस ना आया होता।-2

काश 'सुओम' तुमने,

काश सुओम तुमने उनको समझाया होता।-2

थोड़ा सा झुककर जो मनाया होता।।-2


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