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Amita Dash

Tragedy Inspirational Children

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Amita Dash

Tragedy Inspirational Children

मित्रवत व्यवहार

मित्रवत व्यवहार

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मां नहीं सहेली है वो

कुछ छुपाना नहीं पड़ता

खुद व खुद पत्ता चल जाता है सारी बात।

पढ़ाई से लेकर मासिक धर्म तक।


हर समय है वो मेरे पास।

सबसे यादगार है वो पल

दिन के चार बजे उठाके

चाय पिलाती है वो।

थोड़ी सी पी ले हाजमा ठीक रखेगा

यही है उसकी कहना।


उसके बिना जिंदगी जीना

सोचके डर लगता है।

हर समय वो कहती है,

तेरे गृहस्थी में तु उलझ जाएगी।

मां तेरी हर यादों को समेटे 

जिंदगी गुजारेगी।


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