STORYMIRROR

Bhawana Raizada

Romance

2  

Bhawana Raizada

Romance

मिल गयी

मिल गयी

1 min
140

रुकी रुकी ज़िन्दगी को

एक रफ्तार मिल गयी।

मिली जो तुमसे नज़र

एक पहचान मिल गयी।


तरसती धरती को जैसे

एक फुहार मिल गयी।

तुम्हारी हँसी के साथ

एक खुशी मिल गयी।


तपती धूप में किसी

पेड़ की छांव मिल गयी।

मेरे आंसुओं को जैसे

खुश्क राह सिल गयी।


पीले पड़े पत्तों को

एक बहार मिल गयी।

मेरे दिल को तेरे दिल के

प्यार की राह मिल गयी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance