Bhawana Raizada
Action Inspirational
जीवन उत्साह,
रुकना कभी भी नहीं ।
पल पल आनंदित,
थकना कभी भी नहीं ।
दुःख नश्वर,
उदास कभी भी नहीं ।
मुसीबतें जटिल,
हार कभी भी नहीं ।
कोशिश कर,
अहम कभी भी नहीं ।
आगे बढ़,
पीछे कभी भी नहीं ।
हिंदी
स्त्री की एक ...
सुनो ना
दिल क्या करे
गुड बाय 2021
समुद्र सा मन
कभी भी नहीं
मैं और तुम
तेरे ही नाम
ये मन पागल बा...
कि तुम्हारे सामने प्रकृति रहे और तुम पुरुष न रहो। कि तुम्हारे सामने प्रकृति रहे और तुम पुरुष न रहो।
जल-सेना का है क्या कहना, सागर की लहरों पर रहना जल-सेना का है क्या कहना, सागर की लहरों पर रहना
तू मेरी हर धड़कन में है तू मेरी हर धड़कन में है
कोशिशों से हर हालात को है बदलना हुई है हार जब तक़दीर पे छोड़ा गया है। कोशिशों से हर हालात को है बदलना हुई है हार जब तक़दीर पे छोड़ा गया है।
चीख मेरी गूँजती है अन्याय को अब चुनौती दूंगी! चीख मेरी गूँजती है अन्याय को अब चुनौती दूंगी!
तू सदा ही रहेगा हमारे पैरो के नीचे पाक। तू सदा ही रहेगा हमारे पैरो के नीचे पाक।
छोटी सी भी एक सर्जरी, विकल हमें कर जाते हैं छोटी सी भी एक सर्जरी, विकल हमें कर जाते हैं
हरी-भरी व धानी चुनरी, हरी भरी है मेरी धरा, घृणा, पाप न द्वेष कहीं, चाहूँ हर दिल प्रेम हरी-भरी व धानी चुनरी, हरी भरी है मेरी धरा, घृणा, पाप न द्वेष कहीं, चाहूँ हर ...
कि आने वाली संतानों को, कैसी दुनिया का इंतजार है। कि आने वाली संतानों को, कैसी दुनिया का इंतजार है।
मुल्क़ में आग लगा रहे मज़हब के नाम पर मुल्क़ में आग लगा रहे मज़हब के नाम पर
स्वयं का स्वयं से साक्षात्कार ही स्थायी सुख का उपाय है। स्वयं का स्वयं से साक्षात्कार ही स्थायी सुख का उपाय है।
जान की बाजी लगा दें वक्त आने पर जान लुटा दें। जान की बाजी लगा दें वक्त आने पर जान लुटा दें।
हो जाऐगी स्लोमोशन हर कोई भूल जाऐगा अपना प्रोफेशन। हो जाऐगी स्लोमोशन हर कोई भूल जाऐगा अपना प्रोफेशन।
The poet reminds us of our lives on the fast lane and forgetfulness to "live" and enjoy the moments ... The poet reminds us of our lives on the fast lane and forgetfulness to "live" an...
सच से कब तक भागोगे रे चीनी? जान रही दुनिया तुम्हारा हर मंत्र है सच से कब तक भागोगे रे चीनी? जान रही दुनिया तुम्हारा हर मंत्र है
पीछे हटने वाले इरादे दिखते नहीं, इस सांस लेते भगवान में। पीछे हटने वाले इरादे दिखते नहीं, इस सांस लेते भगवान में।
जा रही थी स्कूल से घर को इक दिन मैं अकेली , सँग ना थी कोई मेरी सहेली, इक वहशी जानव जा रही थी स्कूल से घर को इक दिन मैं अकेली , सँग ना थी कोई मेरी सहेली, ...
तुम्हारी शहादत पर शत - शत नमन। तुम्हारी शहादत पर शत - शत नमन।
प्रकृति को चुनौती देकर प्रकृति का उपहास किया प्रकृति को चुनौती देकर प्रकृति का उपहास किया
दुश्मन को उसके ही घर में, घुसकर हमने मारा है। दुश्मन को उसके ही घर में, घुसकर हमने मारा है।