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anamika khanna

Tragedy Action Classics


4.1  

anamika khanna

Tragedy Action Classics


जिंदगी

जिंदगी

1 min 272 1 min 272

जहां भी देखा एक सन्नाटा था

सोचा खुशियां छुपा रहे हैं

 मगर गहराइयों से सुना

सभी अपना दर्द छुपा रहे हैं

 किसी ने अपनों को खोया

 अपने सपनों को खोया


 सब अपनी जिंदगी जिए जा रहे हैं

 अजब दौर हैं जिंदगी की

क्या तेरा क्या मेरा बिना

सोचे जिंदगी जिए जा रहे हैं !

 

चारों ओर दर्द है

ऑक्सीजन की कमी, बेड नहीं

हर पल साथ छूटता अपनों का

श्मशान भी रोया उन अपनों के लिए

जो बिना मौत मरे जा रहे हैं

 अब दर्द देखा नहीं जाता है ईश्वर क्षमा करो !


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