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Sangeeta Aggarwal

Tragedy


3  

Sangeeta Aggarwal

Tragedy


तकदीर

तकदीर

1 min 175 1 min 175

माँ बाप के घर लड़की को मेहमां होना पड़ता है

सात फेरों का यही सौदा तो सबसे महंगा पड़ता है

जहाँ पैदा हुई पली बढ़ी जवान हुई

उसी घर के लिए क्यों आज लड़की मेहमां हुई

कैसी रीत हे ईश्वर तुमने बनाई है 

सोचना पड़ता उस घर आने को जिस घर की जाई है 

ये सोच के आँखें नम हुई जाती है

लड़की एक लड़की होने की कितनी बड़ी कीमत चुकाती है

बाप के घर भी आती है तो पति की इजाजत से

शादी होते ही क्यों लड़की की तक़दीर बदल जाती है


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