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Palak Inde

Abstract Romance Tragedy

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Palak Inde

Abstract Romance Tragedy

जुदाई

जुदाई

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हम जुदा थे

मगर तब नहीं

जब वाकई में जुदा हुए

तो उस जुदाई में जुनून था

कि जुदा होने का, एक सुकून था 

चल तुझको आज़ाद किया

उन बेड़ियों से

जिनसे तुझे जकड़ रखा था

चल मैंने खुद ही तोड़ दिए

वो यारी के वादे

जिनसे तू मुकर रहा था

वो अंधेरे में एक लौ की तरह थी

जो आज तूने बुझा डाली

उस अंधेरे में भी एक गज़ब की जन्नत है

ये बात हमने आज जानी

कैसे करूँ मैं शुक्रिया तेरा

मुझसे जुदा होने के लिए

क्योंकि उस जुदाई में जुनून था

कि जुदा होने का, एक सुकून था



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