STORYMIRROR

Rampratap Bishnoi 29

Romance Tragedy

3  

Rampratap Bishnoi 29

Romance Tragedy

गजल जख्मी दिल

गजल जख्मी दिल

1 min
191


दिल ये दिल था मेरा कोई खिलौना तो ना था

के खेला और खेल के तुमने इसे तोड़ दिया।


हमराज़ हमदर्द हमसफर मेरे इंतहा ए मोहब्बत में

हुई क्या खता ,जो तुमने यू रुख मोड़ लिया।


गुस्ताख दिल जब ये जख्मी हुआ,

तब ये आया ख्याल कि हमने क्या ना किया।


तकदीर मे मोहब्बत भी होती गर कहीं,

तो जुदा न होते हम यूँ मोहब्बत में तेरी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance