महकते कागज़ के फूल ...
महकते कागज़ के फूल ...
काग़ज़ के फूलों को महकना सिखा दिया था... 🌸
गुड़िया-गुड्डे के खेल को सच्चा बना लिया था... 🧸💞
मन में जो बसा हुआ था... सबको बता दिया था...
जिस-जिस को भी पता था, सबने अपना बना लिया था...
पर बस वही एक है... जिसने कभी नहीं अपनाया...
और काग़ज़ के फूल महकना बंद नहीं हुए... 🌺
और गुड़िया का खेल सच हो गया... 🧿

