वो नहीं थे।
वो नहीं थे।
कुछ आहट सी हुई, लगा कि वो आ गए...
कदमों की धीमी धड़कन से ही पहचान होती थी — बस वही है...
दिल एक पल को थम गया... क्या वही हैं?
पर नहीं, वो नहीं थे...
कोई और था,
जो मन को तड़पा गया,
और इंतज़ार के दौर को और लंबा कर गया...!

