प्यार से झुकी नजरें।
प्यार से झुकी नजरें।
पलकेँ उठती ही नहीं हैं आपके सामने हमारी,
जब हम होते हैं ग़ैरों के बीच… ✨
ये आपको भी पता है… ना?
एक झिझक-सी होती है…
क्या कहूँ, कैसे नज़र मिला लूँ,
कहीं सबको न दिख जाए ये प्रेम… ❤️
जो सिर्फ़ आपके लिए है। 💖

