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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

महकती फ़िज़ा

महकती फ़िज़ा

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समा बना है आज मस्त सुहाना,

रंगबिरंगी बना है शाम का नज़ारा,

महकती फ़िज़ा लहरा रही है ओ सनम,

मुझसे मिलन करने जरूर तू आना।


सितारों के साथ हे मेरा रिश्ता पुराना,

चाहता हूँ उसके संग महेफ़िल जमाना,

महकती फ़िज़ा लहरा रही है ओ सनम,

महफ़िल में आ कर तू रंगत जमाना।


मेरे इश्क का तू इजहार जरूर करना,

सुहाना समा में तू इन्तज़ार न कराना, 

महकती फ़िज़ा लहरा रही है ओ सनम,

इस फ़िज़ा में मुझे तू मदहोश बनाना।


अब न तड़पाना और न मुझे तरसाना,

तेरे इश्क के लिये मैं बन गया हूँ दीवाना,

महकती फ़िज़ा मुझे बहकाती है "मुरली",

दौड़कर मेरी बांहों में तू समा जाना।



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