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Nayana Charaniya

Tragedy

3  

Nayana Charaniya

Tragedy

मेरी तन्हाई

मेरी तन्हाई

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मैं और मेरी तनहाई अक्षर मुझसे ये सवाल करती है।

चल उठ आज फिर कुछ खुद से सवाल करते है ?


मैं और मेरी तनहाई अक्षर मुझसे ये सवाल करती है,

क्यों जिंदा को जलाया और मुर्दा को बहाया जाता हैं।


क्यों दिखावे की यहाँ दुनिया बनाई जाती है

क्यों हर तरह से रिश्ते को दिखावे मैं जताए जाते हैं। 

बस मैं और मेरी तनहाई अक्षर मुझसे ये सवाल करते हैं।


मुश्किल मैं निकलने के लिए लोग यहां तरसते हैं,

वही उनकी फोटो निकाल कर लोग मज़े लेते है। 

मैं और मेरी तनहाई अक्षर मुझसे ये सवाल करते हैं।


क्यों लोग प्यार , महोब्बत से भरी दिखावे की बाते करते हैं ?

क्यों सही को जूठ और जूठ को सही माना जाता हैं।

मैं और मेरी तनहाई अक्षर मुझसे ये सवाल करते हैं।



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