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Nayana Charaniya

Others

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Nayana Charaniya

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जीवन

जीवन

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कल तक कलम थी मेरी पहेली

आज बन गई देखो मेरी सहेली।


कल तक था अंधेरे से घना जीवन

आज बन गया रोशनी सा सवेरा ।


न भूत, न भविष्य की बात कहनी

मुझे तो वर्तमान स्थिति को ही लिखनी।


आज फिर कुछ सपने देखने लगी

खोए हुए सपने आज पूरे करने चली।


कहीं तितली जुगनू सा है जीवन मेरा 

फिर रोशनी और फूलों की ओर चली।


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