STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Classics Inspirational Children

4  

Amit Singhal "Aseemit"

Classics Inspirational Children

मेरी मां

मेरी मां

1 min
283

मेरी मां मुझे हर भगवान से भी प्यारी है।

तुम्हारे दोनों चरणों में मेरी दुनिया सारी है।

तुम्हारी भक्ति करने से मुझे सुख मिले अपार।

तुम्हारे बिन अधूरा, मेरे हर सुख का आधार।


तुमने मुझे पूरे नौ माह तक अपने गर्भ में पाला।

जाने कितने कष्ट सहे, परंतु मुझे शरीर में ढाला।

मेरे जन्म के बाद तुमने इतना दिया लाड़ दुलार।

जीवन भर नहीं दे सके कोई रिश्ता इतना प्यार।


तुम्हें देवी की तरह मैं पूजता हूं सुबह शाम हमेशा।

कोशिश रहे पूरी हो तुम्हारी हर इच्छा और आशा।

तुम्हारे चरणों को धो कर वह चरणामृत पी जाऊं।

तो अपनी हर इच्छा पाऊं और हर खुशी जी पाऊं।


मुझे याद है तुम कैसे स्वादिष्ट पकवान खिलाती थीं।

स्वयं भूखी रहती थीं और मेरा पेट पूरा भरवाती थीं।

मक्खन मलाई खिलाती थीं, मैं बड़ा बलवान बनूंगा।

तुम्हारा बेटा बलवान बना, आंचल कभी न छोडूंगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics