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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

मेरी हालत

मेरी हालत

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तेरे बिना सुबहमें मुजे बैचेनी लगती है,

अगर तेरा चहेरा मै न देखूं तो,

ये दिन मुजे सूमशान लगता है।


तेरा बिना रातमें मेरी तन्हाईयांँ बढती है,

अगर तुजसे मीलन मै न करुं तो,

ये रात भी अमास लगती है।


तेरे बिना ये घटा मुजे पतझड़ लगती है,

अगर ईस घटामें तूं न हो तो,

मेरे बेकरारी हरपल बढती है।


तेरे बिना ये दिल मेरा बेताब बन जाता है,

अगर तेरी धडकन न मिले तो,

मेरा दिल पथ्थर बन जाता है।


तेरे बिना ये कलम मेरी मायूस बन जाती है,

अगर तेरे अल्फाज़ न सूनें तो "मुरली",

मेरी गज़ल अधूरी रह जाती है।


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