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Sarita Kumar

Romance

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Sarita Kumar

Romance

बेपनाह मोहब्बत

बेपनाह मोहब्बत

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बेपनाह मोहब्बत 

अगर बेपनाह मोहब्बत की है तो वो 

खुद से की है मैंने।


चाहा है , सराहा है , दुलारा है 

खुद को।

बे-सबब नहीं किया है 

इश्क खुद से।


लाखों वजहें हैं आसक्त होने की 

खुद से।

जिसमें पहली और आखिरी वजह हो 

तुम , तुम और सिर्फ तुम।


क्योंकि किया है तुमने मुझ पर थोड़ा सा ऐतबार ....

थोड़ा सा ऐतबार और दिया है मुझे प्यार बेशुमार।


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