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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

मेरी गज़ल

मेरी गज़ल

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अतुट साथ था जीवनमें तेरा,

तूं साथ छोड़कर चली गई,

जींदगी की ईस लंबी सफ़रमें,

मुजको तन्हाईयांँ दे गई।


ख्वाब जीवनमें देखे थे मैने,

ख्वाब का महल तूं तोड़ गई,

महेंकती ईस जीवन की बसंतको,

पतझड़ बनाकर चली गई।


संगीत की मधुर सरगम थी मेरी,

सूर बेसूरा मेरा कर गई,

ईश्ककी धड़कन थी तूं मेरी,

ताल की लय मेरी तोड़ गई।


प्यार भरी नजर तेरी थी मुज पर,

प्यार की सरिता वैरान हो गई,

विरह की आगमें जलाकर मुजको,

जुदाई की पीड़ा दे गई।


गम की गहेराईमें डूब गया हूं मै,

तेरी याद मेरे दिल को तड़पा गई,

तेरी गज़ल लिखता था मै "मुरली",

मेरी गज़ल अधूरी रहे गई।


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