मेरी बात-तेरी बात..
मेरी बात-तेरी बात..
बात-बात में बात न समझे
कैसे कह दूं मन की बात ,
कब से देखो राह तक रहीं
"मेरी बातें"
"तेरी बातों" की हर सांझ ,
कहनी थी तुमसे
चहकीं बातें..
बहकी बातें..
उस दिन की बात..
कल की भी बात..
शिकवों की बात..
इज़हार की बात..
कुछ मीठी बातें..
कुछ खट्टी बात..
कुछ अधूरी-कुछ पूरी बात..
बात-बात से निकली सारी बात ,
बोलो कब तक चुपचाप रहें यूं
मेरी बात-तेरी बात !!

