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नमिता गुप्ता 'मनसी'

Romance

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नमिता गुप्ता 'मनसी'

Romance

मेरी बात-तेरी बात..

मेरी बात-तेरी बात..

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बात-बात में बात न समझे

कैसे कह दूं मन की बात ,

कब से देखो राह तक रहीं

"मेरी बातें" 

"तेरी बातों" की हर सांझ ,

कहनी थी तुमसे

चहकीं बातें..

बहकी बातें..

उस दिन की बात..

कल की भी बात..

शिकवों की बात..

इज़हार की बात..

कुछ मीठी बातें..

कुछ खट्टी बात..

कुछ अधूरी-कुछ पूरी बात..

बात-बात से निकली सारी बात ,


बोलो कब तक चुपचाप रहें यूं 

मेरी बात-तेरी बात !!


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