STORYMIRROR

नमिता गुप्ता 'मनसी'

Abstract Romance

4  

नमिता गुप्ता 'मनसी'

Abstract Romance

प्रेम का पता

प्रेम का पता

1 min
217

प्रेम रहता कहां है

संभालकर रखी हुई कविताओं में

या अनकही पंक्तियों में

मिलने की अनंत प्यास में

या इंतज़ार में


जरूरी नींदों के देखें गए सपनों में

या कुछ करने की कल्पनाओं में

आंसूओं के गीलेपन में

या सुकून के पलों में

तेरी-मेरी रोजमर्रा की बातों में

या कुछ खास मुलाकातों में


कुछ जरूरी निभाए गए वचनों में

या ढेरों शिकायतों में

जवाबों की तलाशों में

या अनुतरित सवालों में

जीवन की सुबहों में

या अंत की रातों में


ये तो अभी ठीक से ईश्वर को भी पता नहीं

और मनुष्य तलाश में है इसकी !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract