STORYMIRROR

Shruti Sharma

Fantasy Inspirational

4  

Shruti Sharma

Fantasy Inspirational

मेरी आवाज़ ही मेरी पहचान है

मेरी आवाज़ ही मेरी पहचान है

1 min
405

कहने को तो हर शख्स गुमनाम है

मेरी तो आवाज़ ही मेरी पहचान है

माना कि एक दिन दौर बदल जाएगा

सूरत भी बदल जाएगी

सीरत भी बदल जाएगी


जो नहीं बदलेगी वो मेरी स्याही की शान है

मेरी मानो तो आपकी सोच ही अंजाम है

किसी चीज़ को करना मुश्किल नहीं जनाब

बस ठान लेने की देर है


ठान लिया तो बस उजाले की सवेर है

जिंदगी मिली है तो बस अब कुछ कर के बताना है

जिसकी किसी को उम्मीद नहीं वही कर दिखाना है

खुद को हमें कुछ इस कदर आज़माना है


बेखौफ जिंदगी बेखौफ इरादा है

कुछ कर गुज़रना है बस यही खुद से एक वादा है

हार भी जाऊँ तो कुछ गम नहीं

बस डर की आँखों में आँखें डाल लड़ने का इरादा है


कितने लोग हैं दुनिया में हम सब से बेख़बर सब से अंजान हैं

आपके कर्म से ही होती आपकी पहचान है

जवाब जीना इसी का नाम है

कहने को तो हर शख्स गुमनाम है

मेरी तो आवाज़ ही मेरी पहचान है।। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy