STORYMIRROR

Shruti Sharma

Abstract Action Inspirational

3  

Shruti Sharma

Abstract Action Inspirational

मेरे पापा मेरे हीरो

मेरे पापा मेरे हीरो

1 min
142

मेरे पुण्य कर्मों का फल है आया,

पापा आपसे इतना प्यार मैंने जो पाया।

क्या कहूँ उसके बारे में 

जिसने हर बार मुझे अपने सीने से लगाकर है सुलाया।

पाती है सुकून जहाँ पर मेरी काया,

है वो पापा आपके दुलार की छाया। 

इस नासमझ को भी आपने हर बार प्यार से है समझाया,

लाखों लाखों शुक्रिया जो आपने एक बेटी को भी इतनी खुशी से अपनाया। 

कौन कहता है कि लोग बेटे की दुआ करते हैं,

मेरे पापा ने मुझे बेटे से भी ज्यादा प्यार है जताया। 

माफ़ कर देना पापा अगर कभी अनजाने में मैंने आपका दिल हो दुखाया,

पर क्या करूँ आपके प्यार का अनोखा अंदाज़ कभी समझ ही नहीं आया। 

जब भी कभी दुखों का अंधेरा है छाया,

आपने मेरे लिए दुनिया भार की खुशियों को है लाया।

क्या ही मांगूँ आपसे ये कभी समझ नहीं आया,

मैं तो इसी में धन्य 

जिसने आपके जैसा पिता है पाया।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract