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Shruti Sharma

Abstract Classics Inspirational

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Shruti Sharma

Abstract Classics Inspirational

कान्हा

कान्हा

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 मेरी आस भी तुम विश्वास भी तुम 

आभास भी तुम एहसास भी तुम 

रास भी तुम उपवास भी तुम 

मेरे रोम रोम का निवास भी तुम 


हृदय भी तुम आवाज भी तुम 

शून्य भी तुम आकाश भी तुम 

गृहस्थ भी तुम संन्यास भी तुम 

मेरे जीवन की हर श्वास भी तुम 


सार भी तुम विस्तार भी तुम 

निराकार भी तुम साकार भी तुम 

बीज़ भी तुम आधार भी तुम 

इस जीव का संसार भी तुम 


राम भी तुम अवतार भी तुम 

राधा के प्राण आधार भी तुम 

सृजन भी संघार तुम भी तुम 

संपूर्ण जगत के पालनहार भी तुम 


पिता भी तुम मात भी तुम 

मित्र भी तुम साथ भी तुम 

कर्म भी तुम काण्ड भी तुम 

इस पापी के ब्रह्मांड भी तुम।


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