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Juhi Grover

Abstract Tragedy

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Juhi Grover

Abstract Tragedy

मेरे सपनों की दुनिया

मेरे सपनों की दुनिया

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मेरी सपनों की दुनिया बहुत अजीब है,

कहीं चाहतों का बहता हुआ समन्दर है,

और कहीं नफ़रतों की बड़ी बड़ी दीवारें।


मेरी सपनों की दुनिया बहुत अजीब है,

कहीं तो दिलों की धड़कनों की गूँज है,

और कहीं आँसुओं के से नदिया के धारे।


मेरे सपनों की दुनिया बहुत अजीब है,

कहीं तो उम्मीदों के ऊँचे ऊँचे पर्वत हैं,

और कहीं निराशा के सुरंग के से अन्धेरे।


मेरे सपनों की दुनिया ऐसी ही अजीब है,

कहीं तो तेरे प्यार की अनोखी कहानी हैं,

और कहीं तुझे ही याद रखने के दर्द मेरे।


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