STORYMIRROR

मेरे दिलवर

मेरे दिलवर

1 min
387


मेरे दिलवर फूल बिछा दूँ राहों में

ख़ार नहीं दिल आज सजा दूँ राहों में।


पाने को मैं हरदम आहें भरता हूँ,

प्यारा गुलशन साज खिला दूँ राहों में।


जीवन तो अब तन्हा-तन्हा लगता है,

जीने की उम्मीद टिका दूँ राहों में।


नजरों से घायल मेरा दिल कहता है,

शहजादी का चैन चुरा लूँ राहों में।


बोधन अब तू क्यों इतना शरमाता है,

दिल से दिल को आज मिला दूँ राहों में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance