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बोधन राम निषाद राज

Abstract

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बोधन राम निषाद राज

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रोजगार

रोजगार

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रोजगार  मिलता  कहाँ, मारामारी आज

जनसंख्या विकराल है, अब क्या करे समाज।


काम मिले कुछ और को, आधे हैं बेकार

गुंडागर्दी शौक है, करते अत्याचार।


शिक्षित अनपढ़ साथ में, मिलकर करते काज

सभी समस्या मूल से, हल हो जाते आज।


हर समाज को चाहिए, मिलकर कदम उठाय

अपना पैतृक कार्य को, करते चित्त लगाय।


रोजगार है हर जगह, आओ करे उपाय

नवयुवको तैयार हो, जो चाहो मिल जाय।


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