Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!
Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!

मेघ आये

मेघ आये

1 min 610 1 min 610

बादल  आये झूम के, काले हैं घनघोर

देख घटा को प्रेम से, नाचे ये मन मोर।


आँधी अरु तूफान भी, साथ चले हैं आज

उमड़ घुमड़ आकाश में, बादल करते राज।


काली घटा दिखे यहाँ, मन में उठी उमंग

मानसून आने  लगा, देखो बादल संग।


बरसेगा पानी  यहाँ, होगी  पूरी आस

नदी ताल औ जीव की, मिट जायेगी प्यास।


हरियाली अब खेत में, छाये छटा बहार

आओ मिल खेले सभी, बरसे खूब फुहार।


Rate this content
Log in

More hindi poem from बोधन राम निषाद राज

Similar hindi poem from Abstract