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Dinesh Dubey

Abstract

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Dinesh Dubey

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डर

डर

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डर से डर कर जो डरता रहता,

जीवन में वह कुछ न कर पाता,

डर के डर को बाहर निकालो,

वरना डर डर के मर जाओगे।


कोई डरता है नीचे गिरने से,

कोई डरता है ऊपर चढ़ने से,

कोई डरता है भूत प्रेत से,

कोई डरता है अपने आप से।


डर का काम है डराते रहना,

तुम्हें उस पर है काबू करना,

कब तक जीयोगे तुम डर डर कर,

जियो तुम डर से ऊपर उठकर।


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