STORYMIRROR

Pinky Dubey

Fantasy Inspirational

4  

Pinky Dubey

Fantasy Inspirational

मेरा सपना

मेरा सपना

1 min
343

खुली नज़र का यह मेरा सपना

सज़ा रहा हूँ मैं अपने आँखों में

जहाँ दे रहे है मुझे लोग ताने

जहाँ कोई नहीं है मेरा अपना

जरा तो सोचा कैसे रहूँ मैं ऐसे

जहाँ मेरी कदर नहीं है

जहाँ किसी को मेरे सपनों की नहीं पड़ी है

इन जिल्लतों का है बोझ दिल में

कुछ करना है अपने दम पर

कब तक रहूँगा बोझ बनकर

मैं भी क्यूं नहीं कुछ कर पाता हटकर

पिता, दादा और बहन के घर में रहा पराया

है एक मेरा सपना हो घर मेरा अपना

जहाँ रह सकूंगा सर उठा कर

नहीं रहूँगा बोझ किसी पर

अपने मन का मालिक होऊंगा

यह है मेरा एक सपना

इंतज़ार है कब होगा मेरा एक घर अपना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy