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Shruti Kaushik

Drama

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Shruti Kaushik

Drama

मेरा अस्तित्व

मेरा अस्तित्व

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मेरा अस्तित्व जिससे है वह मेरे माता पिता

मेरी जिंदगी जिस से शुरू हुई वह मेरे माता पिता

मुझे जिन्होंने नाम दिया वह मेरे माता पिता

जब भी अकेले हूं तो सोचती हूं उनका रूप हूं मैं

आज जो कुछ भी हूं सिर्फ उनकी वजह से हूं मैं


वह हर पल जब उन्होंने मुझे जिंदगी से

लड़ना कई बार टूट कर बैठी हूं मैं

पर हर बार मेरा हाथ थाम कर

उन्होंने मुझे चलना सिखाया


कितना अजीब है ना मेरा और

मेरे मां-बाप का रिश्ता

मेरे पैदा होने से पहले ही

उन्होंने मेरे लिए ढेर सारे सपने देखे


उन सपनों को पूरा करने के साथ-साथ

उन्होंने मेरे हर सपने का भी

ध्यान रखा मां-बाप जो होते हैं

वह जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं

वह मेरा अस्तित्व है मेरा कल मेरा आज

मेरा आने वाला कल मेरे मां-बाप है


हर पल जो मैंने उनके साथ बिताया

वह मुझे खुशी देता है वह मुझे

आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है

मम्मी ने बहुत छोटे छोटे से सैक्रिफाइस किए हैं


पापा ने ना जाने कहां-कहां से

सोच समझकर क्या-क्या किया है हमारे लिए

मम्मी का प्यार तो फिर भी कभी-कभी दिख जाता है

क्या करूं जब पापा चुपचाप

रहकर सब कुछ कर जाते हैं

मेरे माता-पिता मेरे को जीना सिखाते हैं

वह हर पल मुझे बुराई से बचाते हैं


उन्होंने मुझे कहानी सुनाई कुछ ऐसे कि

हर इंसान की पहचान हो गई है मुझे

मां-बाप ही आपका जीवन है

यह उन्होंने एहसास कराया बड़े लोगों की

इज्जत करना उन्हें प्यार करना लोगों को अपना मानना


यह सब आपके माता पिता ने आप को सिखाया

सपने उन्होंने आपके होने से पहले ही देख लिए

जिंदगी में आगे बढ़ने का कॉन्फिडेंस दिखाया है

मां ने मुझे हर चीज को कैसे निभाते हैं वह सिखाया है


मुझे पापा ने चुप रहकर भी

सबके लिए सब कुछ करना सिखाया है मुझे

क्या कहूं जब हर पल हंसी मस्ती और मजाक सिखाया है मुझे

जिंदगी जीने का एक नया तरीका सिखाया है मुझे


सब को एक सूत्र में बांधकर उन्होंने चलना सिखाया है

कितनी अजीब सी कहानी है ना

रिश्तेदारी निभाना भी उन्होंने ही सिखाया है मुझे

मां बाप है तो मेरा अस्तित्व है ,नहीं तो मैं कुछ भी नहीं

आज जो कुछ भी हूं सिर्फ उन्हीं की

वजह से हूं वरना मैं कुछ भी नहीं


दर्द में मुस्कुराहट फिर चेहरे पर कैसे

लाई जाती है यह मां ने सिखाया है मुझे

पापा ने एक छोटी सी गुड़िया जिंदगी जीना सीख गई

जिंदगी के उतार-चढ़ाव पर उतरना करना सीख गई


सपने देखना जरूरी है उनको

साकार करना जरूरी नहीं सीख गई

जिंदगी जीना जरूरी है पर किसी को

दुख देकर जीना यह कोई जिंदगी तो नहीं।


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