STORYMIRROR

Pallavi Goel

Drama

2  

Pallavi Goel

Drama

मौसम की पुकार

मौसम की पुकार

1 min
214

खुशी का आगाज़ है यह

या ज़रूरत की आवाज़। 


पुकारती हसरतों का एक

मार्मिक दिलफरेब सा साज़।


आँखों में उतरती नमी 

मौसम की बेतरह पुकार।


खिलखिलाहट की  झनकार

या दबे दर्द की ढकी चित्कार।


जिंदगी ने जिंदगियों से

मिलाया आज फिर हाथ।


ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರೇಟ್ ಮಾಡಿ
ಲಾಗ್ ಇನ್ ಮಾಡಿ

Similar hindi poem from Drama