STORYMIRROR

Husan Ara

Drama

3  

Husan Ara

Drama

मौसम और ज़िन्दगी

मौसम और ज़िन्दगी

1 min
177

मौसम रंग बदलता है

एक पल में बदल जाता है समां


कभी धूप कभी छाव

कभी बेरंग तो कभी खिला आसमां

मौसम ज़िन्दगी का आईना सा है

रंग बदलता रहता है ये जहां


वक़्त के साथ दोनों बदल जाते हैं

ना मौसम ना ज़िन्दगी एक सी रहती यहां

जब धूप की चुभन बढ़ जाती

हर शह हो जाती परेशां


ज़्यादती हर चीज़ की बुरी

ठंड का तीखापन भी

सहा जाता है कहाँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama