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Husan Ara

Inspirational

4  

Husan Ara

Inspirational

व्यवहार

व्यवहार

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सत्य है,

क्या है यह संसार समझना होगा ।

सत्य है ,

लोगों का व्यवहार समझना होगा ।।


असत्य था ,

जो अब तक समझता आया ।

असत्य था ,

जो लोगों ने सुनाया और समझाया ।।


दु:खी हूं ,

लोगों के दोहरे चरित्र,झूठ का अंबार देखकर ।

दुःखी हूं ,

एक दूसरे के प्रति सबके विचार देखकर।।


सत्य है,

शब्द नही , उनका सार समझना होगा ।

सत्य है ,

समय के साथ बदलता प्यार समझना होगा।।


असत्य था,

स्वयं को किसी का प्रिय समझता आया।

असत्य था ,

प्रेम, विश्वास के लिए विचारों को उलझाया।।


दुःखी हूं,

लोगों के चेहरों से उतरते नकाब देखकर।

दुःखी हूं,

लोगों के खाते में पाई पाई हिसाब देखकर।।


समझ चुका ,

किताबी बातों से, संसार कुछ अलग है।

मैं नहीं कहता कौन सही कौन गलत है।

बस यहां सब लोगों के विचार अलग हैं।

नैय्या एक जैसी मगर मझधार अलग है।

सत्य है,

किसी की जीत किसी की हार अलग है।

सत्य है,

सामने और पीठ पीछे का व्यवहार अलग है।।



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