STORYMIRROR

Kawaljeet GILL

Romance

4  

Kawaljeet GILL

Romance

मैंने हाथ छुड़ाकर

मैंने हाथ छुड़ाकर

1 min
243

मैंने हाथ छुड़ाकर तुमसे जो दूर होने की कोशिश की,

तुमने हमसे बड़े प्यार से कहा कि ख्वाबों में भी ये भूल ना करना,

मर जाऊंगा मैं निकल जाएंगे मेरे प्राण,

मेरा दिल जो टूटा तो बिखर कर रह जाऊँगा मैं,


मेरे दिल में हो तुम यूँ बसी कि निकालना मुश्किल है,

हो गयी जो तुम बेवफा तो दीवाना मजनूं बन जाऊंगा,

तू है मेरी लैला हीर भी तू जुलिएट भी तू,

तेरा मेरा प्यार कोई आम नहीं इस जग में,

ये बनेगा एक अनोखी मिसाल,


हाथ छुड़ाकर जो गयी तुम तो तन्हा मैं रह जाऊंगा,

किसी और कि होने से पहले मुझे एक ख़ंजर से खत्म कर दे,

मेरी समाधि पर दो दीये मोहब्बत के जला कर चली जाना,

उसकी इन बातों से दिल मेरा हुआ उसके प्यार का दीवाना,


इस जन्म में तो क्या हज़ार जन्मो में हाथ उसी का

थामने का फैसला कर लिया,

प्यार क्या होता है उसके प्यार ने हमको सीखा दिया,

किसी के लिए जीना क्या होता है सच्चा प्यार समझा देता है,

हर किसी को नहीं मिलता सच्चा प्यार जग में,

हमको जो मिला है तो उसकी अहमियत हम जानते है ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance