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DRx. Rani Sah

Romance

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DRx. Rani Sah

Romance

मैं तुममें नहीं हूँ

मैं तुममें नहीं हूँ

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मैं तुममें नहीं हूँ

पर मैं जो हूँ

बस तुमसे हूँ

तुम मेरी नहीं हों

पर जो जीने की 

वजह बने

वो हसीन ज़िंदगी हो

तुम बिन जिया करते थे

अब मुश्किल साँस लेना है

कुछ लम्हें ही तुम ना हो

तो कहा ये साँसे चलती हैं

तेरे नाम के साथ जुड़ा नहीं हूँ

कोई बंधन नहीं हमारा

पर यकीन मानो 

मैं एक पल को भी तुमसे जुदा नहीं हूँ

चलों मैं मामूली बात करता हूँ

जो दिल में हैं बस वही कहता हूँ

तुम मुझसे बहुत दूर हों

पर पास मेरे धड़कनो के जरूर हो

तुम खुद को मुझे सौप दो

मैं ये कभी नहीं चाहता हूँ

बेशक तुम मुझे ना मिलो

पर मैं तो सिर्फ़ तुम्हें ही चाहता हूँ

मेरे हाथों में तेरे नाम की कोई लकीर नहीं

तुम्हें मुझसे रूबरू तक ना होंने दे

ऐसी तो कोई तकदीर नहीं।



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