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DRx. Rani Sah

Romance

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DRx. Rani Sah

Romance

हर तरफ है तेरी याद

हर तरफ है तेरी याद

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हर तरफ़ है तेरी याद 

पनपती मोहब्बत दिल में

दहकते ज़ज़्बात है

तेरी ज़रूरत मुझको

जैसे दिन को रात की तरह

चाँदनी को उस चाँद की तरह..! 


तु मुस्कुराती फूलों की साज

दबी रहे आठों पर वो गहरा राज़

तेरी हर अदा मस्तानी

अलग अंदाज़ है

तु रूप का चादर

चाहतों का सागर..! 


तू कण कण में शामिल

तेरी यादों में खोया मेरा दिल...! 


तु मौसम का आगमन

तु बहार तु चमन

तुमसे ही नीला ये गगन..! 


शाम सुहानी

राधा कृष्ण की दीवानी

तेरी मेरी प्रेम कहानी

तपते रेत को ठंडक देता

जैसे निर्मल ठंडा पानी..! 


तु एहसास मेरे मन का

प्यार इस जीवन का

तु सादगी की डोर

करती हर लम्हें को विभोर..! 


तु खुशियों की सौगात 

हर तरफ है तेरी याद

तेरी यादें एक बंधन में बाँधे

बहते हर आँसू कहते है

तुम बिन

गुजारे कितने दिन

कितनी रातें काटे..? 

हर तरफ है तेरी याद..!!! 



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