STORYMIRROR

Vandana Singh

Drama

2  

Vandana Singh

Drama

मैं नहीं हूँ

मैं नहीं हूँ

1 min
562


ये मेरा यत्न

फिजूल है

बेबुनियाद है।


मेरे अपने को

मेरे जहाँ को

आतिशों की नहीं

दीये की जरुरत है।


ये दिवाली

चश्मदीद गवाह है

मेरी नाकामियों की।


ये सत्य तुम भी जानते हो

तुम्हें अंधेरों से

बचाने वाला दीया

मैं नहीं हूँ।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama