STORYMIRROR

Pinky Dubey

Abstract Inspirational

4  

Pinky Dubey

Abstract Inspirational

मैं बेटा नहीं मैं बेटी हूँ

मैं बेटा नहीं मैं बेटी हूँ

1 min
831

मैं भी लेती सांस हूँ

पतर नहीं इन्सान हूँ

मेरे शरीर में भी दिल है धड़कता

मुझे भी चोट है लगती

भोला सा है चेहरा मेरा

भावनाओं में जीती हूँ

जल्दी भावुक हो जाती हूँ

मैं लड़का नहीं लड़की हूँ

कैसे आपने मुझसे हाथ छुड़ा लिया

जनम लेने से पहले मिटा दिया

बस प्यार की भूखी हूँ

नाम रोशन करके दिखलाऊंगी

बेटा नहीं तो क्या बेटी हूँ

दिया नहीं मुझे एक बार भी मौका

पराया बना कर सोचा

एक बार तो मुझे अपना लो

मुझे आज़मा कर देख लो

हर जंग को जीत कर दिखलाऊंगी

मैं अग्नि में तप कर सोना बन कर दिखलाऊंगी

लोगों की सुनी आपने

पर नहीं सुना मेरी करुण पुकार

मैं बोझ नहीं बेटी हूँ

एक दिन कुछ कर के दिखलाऊंगी

एक दिन बेटे से भी बढ़कर नाम करके दिखलाऊंगी

मैं बेटा नहीं मैं बेटी हूँ

आपका नाम करके दिखलाऊंगी


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract