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shubham s. jaiswal

Tragedy Others

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shubham s. jaiswal

Tragedy Others

मैली सियासी

मैली सियासी

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सड़क किनारे किन्नर

बजाए ढ़ोल बाजा

नगरी है यह अंधेर

टके सेर भाजी-खाजा

आए चुनाव में जीतकर

अंधों में काने राजा

सत्ता के लग गए पर

उड़ने लगे चौपट राजा

 

हल्ला-गुल्ला गली-गली में

मस्त मौलों की हस्ती है

 

बन्दूक दन-दन चली-चली रे

दंगाइयों की बस्ती है

 

तंग है मोहल्ला उचक्कों से

इंसानी जान बड़ी सस्ती है

 

सुस्त-भ्रष्ट शासन के तले

आम जनता ही पिसती है

 

बावजूद लाख योजनाओं के

विषैली गरीबी डसती है

 

अरिष्ड्वर्ग के चक्रव्यूह में

मनुष्य की मनुष्यता फँसती है

 


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